एक वर्ष पूर्व उठा ले गये थे प्रतिमा, अब मंदिर के पास फेंका

Devendra Mishra

आजमगढ़। कलेश्वर धाम से एक वर्ष पूर्व चोरी हुई प्रतिमा मंदिर से मात्र 100 मीटर की दूरी से बरामद कर ली गयी। मुख्य पुजारी द्वारा प्रतिमा लेने से इनकार कर दिया गया। बता दें कि अतरौलिया थाना क्षेत्र के प्रसिद्ध पौराणिक स्थल कालेश्वर धाम कैली से विगत 24 अक्टूबर 2018 को चोरों द्वारा मंदिर में रखी के गर्भ गृह में रखी हनुमान जी वह सीता जी की मूर्ति मंदिर का ताला तोड़कर चुरा ले गए थे सोमवार की अपराहन लगभग 3 बजे गांव के कुछ बच्चे मंदिर से लगभग 100 मीटर की दूरी पर गांव के एक व्यक्ति द्वारा रखे गए पुआल में खेल रहे थे कि बच्चों को पुआल के अंदर कुछ फोर्स चीज महसूस हुई बच्चों ने जब पुआल उठा कर देखा तो वॉल के अंदर हनुमान जी और सीता जी की वही चोरी हुई प्रतिमा दबी थी सूचना मिलते ही स्थानीय लोग तथा स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच गई। प्रभारी निरीक्षक अतरौलिया हेमेंद्र सिंह द्वारा मिली मूर्ति को पुजारी को बुलाकर जब देने लगे तो पुजारी में मूर्ति लेने से इनकार कर दिया पुजारी का कहना था कि जिस समय चोरी की घटना हुई थी उसी समय मंदिर में गद्दी को लेकर मंदिर के कथित चेले द्वारा कुछ विवाद भी चल रहा था जिसमें मेरे ऊपर प्राणघातक हमला भी हुआ था मूर्ति की वजह से मेरी जान जोखिम में पड़ी थी अत: अभी हम मूर्ति मैं नहीं लूंगा पुजारी के जिद के आगे बेबस प्रभारी निरीक्षक अतरौलिया हेमेंद्र सिंह ने कहा कि 2 दिनों तक मूर्ति मैं थाने में रख लूंगा इसके बाद उप जिलाधिकारी व क्षेत्राधिकारी की मौजूदगी में मूर्ति का पुणे मंदिर में ले जाकर प्राण प्रतिष्ठान के साथ स्थापित कर दूंगा पुजारी द्वारा जो सुरक्षा का भय बताया जा रहा है उसका निश्चित तौर पर सुरक्षा की पूरी व्यवस्था की जाएग। जिसमें लोग तरह-तरह के आशंकाएं लगाने लगी। बता दे कि मंदिर के मुख्य पुजारी कांता दास द्वारा चोरी हुई प्रतिमा का प्राथमिकी दर्ज कराने स्थानीय थाने पहुंचे तो तत्कालीन थानाध्यक्ष द्वारा घटना को फर्जी करार देते हुए मुकदमा लिखे जाने से इंकार कर दिया जिसको लेकर मंदिर के अटूट आस्था रखने वाले श्रद्धालु लड़ाई से पीछे नहीं हटे और उच्च अधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री से गुहार लगाई गई थी।