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देवेन्द्र मिश्र
वैश्विक महामारी कोरोना ने समूची दुनियां को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। ऐसी स्थिति में भारत का प्रभावित होना आम बात है। ऐसी गंभीर स्थिति में समाज का हर तबका अपने स्तर से अपनों के लिए काम कर रहा है। प्रख्यात शिक्षाविद सुमन लता पाण्डेय समाज के बीच प्रणेता बनी हुई हैं। यह सच है कि जहानागंज इलाके के सेवटा गांव में श्री कालिका कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में वह बतौर प्रधानाध्यापिका कार्यरत हैं मगर यदि किसी स्कूल का बच्चा उनके पास शैक्षिक मदद के लिए आ गया तो वह तत्काल उठ खड़ी होती हैं। उनका मानना है कि विश्व गुरू भारत का हर बच्चा विश्वगुरू बनने की हैसियत में होना चाहिए।

शिक्षाविद सुमनलता पाण्डेय ने अभिभावकों से की अपील
आजमगढ़। बच्चे घर पर रहकर शिक्षा पर ध्यान दें। अभी यह तय नहीं है कि हम कोरोना महामारी पर कब विजय हासिल करेंगे। ऐसी स्थिति में बच्चों की शिक्षा पर किसी तरह का कोई असर नहीं आना चाहिए। यह कहना है कि श्री कालिका कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सेवटा की प्रधानाचार्या श्रीमती सुमनलता पाण्डेय का। उन्होंने कहा कि शिक्षा दीक्षा का जिस समय पीक समय था उसी समय कोरोना ने अपने देश के साथ-साथ पूरी दुनिया को अपनी गिरफ्त में ले लिया। हमारे देश व प्रदेश की सरकार इस वैश्विक महामारी से संघर्ष कर रही है और हम सभी एकजुटता बनाये हुय हैं। हमारा लक्ष्य किसी भी स्थिति में कोरोना को परास्त करने का है। श्रीमती पाण्डेय ने कहा कि जल्दी ही हम कोरोना पर विजय हासिल करेंगे। मगर यह विजय कब तक हासिल होगी इसे लेकर अस्मंजस की स्थिति बनी हुई है। अस्मंजस की इस स्थिति में हम बच्चों का भविष्य दाव पर नहीं लगा सकते। इसी वजह से संचार माध्यमों के जरिये बच्चों का मार्ग दर्शन किया जा रहा है। साथ ही बच्चों को जो कठिनाईयां आ रही है उसे संचार माध्यमों के जरिये दूर किया जा रहा है। अब जरूरी यह है कि बच्चे भी घर पर रहकर ध्यान पूर्वक अध्ययन करें और जो चीजें याद करें उसे मन से याद करें। इन स्थितियों के बीच अभिभावकों की जिम्मेदारी भी कुछ अधिक हो जाती है। उन्होंने कहा कि अभिभावक भी इस समय घर पर हैं इसलिए वह बच्चों पर विशेष ध्यान दें।